by Webmaster | Oct 25, 2025 | Poems
फाइव स्टार स्टेशन देखअचंबित हुआ पन्नीसोचा बताऊं सबकोस्टेशन में लेके फोटो।रैंप, एस्केलेटर, लिफ्ट, पार्किंगऔर न जाने क्या क्या हैपनिंग !पकड़नी थी अगली ट्रेनडेढ़ घंटे की सवारी,पर आयी नहीं अब तक,धीमी पैसेंजर हमारी।ट्रेन की राह तकते हुएघबरा उठा मनछूट न जाए अगली गाड़ीहाय री...
by Webmaster | Jul 13, 2024 | Poems
करें ऐसा संचय होवे मन में घमंडईर्षा भरी नज़र देवे सुख अखंड फेसबुक इंस्टा के लाइक्स गिने भौतिक मायावी सुख पावेफिर भी न जाने मिथ्या [1]लोगोंको छोडो अपना देखेंखाए पीए खेले मौज करेंदेखे सोशलमिडिया अनंतकाल भावे मनकों भावे तन कोकैसा मज़ा? क्षणभंगुर हैं ये तो! [2]आनंद मिले...